सच्चा मित्र Ek Motivational Story || True Friends a Motivational Story

एक जंगल में एक हिरन की कौए और सियार से मित्रता हो गयी | एक बार उस जंगल में शिकारी आया | उसने एक खेत के किनारे जाल फैलाकर खूटे से बांध दिया | हिरन उस शिकारी के जाल में फस गया | शिकारी शिकार फँसा हुआ देखकर बहुत ही प्रसन्न हुआ | उसने सोचा हिरन घर ले जाना कठिन होगा | यहीं आग जलाकर इसका मांस भूनकर खाऊंगा और कुछ घर ले जाउगा |


      वह रोटी छोड़कर वह लकड़ियाँ और घास इकठ्ठा करने लगा | हिरन में अपने को फसा देखकर सियार से कहा की तुम्हारे दांत तो तेज है | जाल काटकर मेरी मदद करो | पर सियार की लालच आ गया , उसने सोचा शिकारी जब हिरन को मरेगा तो कुछ मांस मेरे भी हाँथ में आ जायेगा | इसलिए उसने बहाना बनाकर हिरन कि मदद करने से इंकार कर दिया | तभी कहीं से कौआ उड़ता हुआ आया | हिरन उसे देखकर रोने लगा और बोला - मित्र ! बचाओ मुझे | कौए में युक्ति बनाई , कहा - अपनी साँस रोककर मुर्दे कि भांति लेट जा |
हिरन मुर्दे के सामान पड़ा रहा | तब कौआ उसके ऊपर बैठकर उसकी पीठ पर चोंच मरने लगा , जिससे शिकारी समझे कि हिरन मर गया है | थोड़ी देर बाद शिकारी लकड़ियाँ और घास इकट्ठी करके वापस लौरा तो देखा कि भूमि पर पड़े हिरन को कौआ चोंच मर रहा है , तो वह समझा की हिरन मर गया | उसने आकर जाल हटा दिया और बची रोटी खाने चल दिया | जाल खिला पाकर हिरन भाग गया | उसने कौए को धन्यवाद दिया |


सच्चा मित्र वही है जो मुसीबत में काम आये 
                     Written by Gulshan jagga 

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