गणित में कमजोर बच्चों की मदद कैसे करें || How to Teach Maths in Primary Classes

गणित में कमजोर बच्चों की मदद कैसे करें || How to Teach Maths in Primary Classes

गणित में कमजोर बच्चों की मदद कैसे करें || How to Teach Maths in Primary Classes

गणित में कमजोर बच्चों की मदद कैसे करें || How to Teach Maths in Primary Classes



गणित में कमजोर बच्चों की मदद कैसे करें । कई लोग जिसमें शिक्षक भी शामिल होते हैं बचपन में उन अनुभवों को याद करते हैं। कि किस तरह स्कूल में गणित में 1 नीरज विषय महसूस होता था नीरस उसे कहा जाता है । जिसमें कोई रस ना हो और गणित को पढ़ने में कभी भी रस महसूस नहीं होता था । गणित का नाम सुनते ही उसे भागने का दिल करता था  ।गणित इतना कठिन विषय लगता था कि पूछो मत लेकिन अगर बच्चों में इसी तरह की सोच हो तो इसके कारण गणित या फिर बीजगणित से जुड़ी हर एक चीज के लिए एक किस्म का मानसिक रोग पैदा हो सकता है । इसलिए हमें यह अच्छी तरह से पता होता है कि गणित एक ऐसा कठिन विषय है जिसे अच्छी तरह से पढ़ाने की जरूरत होती है ।
                       नीचे कुछ ऐसे ही सूत्र दिए गए हैं जिनकी सहायता से गणित में कमजोर छात्रों की मदद की जा सकती है । क्योंकि गणित को कभी-कभी रोचक और सरल बनाने की कोशिश करनी चाहिए कल्पना और उपयोग की पुस्तकों का इस्तेमाल करते हुए गणित के प्रति छात्रों के मन में आकर्षण का भाव पैदा किया जा सकता है ।

इस बात को स्वीकार करें कि संख्या को समझना आसान नहीं होता 

संख्याओं को किसी वाक्य की तरह पढ़ा नहीं जा सकता ना ही लंबे समय तक उन्हें सुना जा सकता है । जब छात्रों को कठिनाई हो तो इस बात का पता लगाने की कोशिश करें कि क्या उन्हें समस्या उत्पन्न करने वाले बिंदुओं को सटीक जानकारी है । गणित जोड़ने की प्रक्रिया की तरह है और जब कोई एक अक्षर गायब हो जाती है तो समूची प्रक्रिया अवरुद्ध हो जाती है यानी कि रुक जाती है ।

गलतियों को स्वीकार करें 

छात्रों को याद दिलाएं के प्रश्न का सही जवाब ढूंढने की तरह गलत जवाब ढूंढना भी उपयोगी साबित हो सकता है । लेकिन गलती के कारण की पहचान करना और उन्हें दूर करने का गुण भी सीखना पड़ेगा । जब छात्र जवाब ढूंढने की सही कोशिश करें तो उन्हें सराहा जरूर करें ।

गलतियां ढूंढने में छात्रों की मदद करें 

समय-समय पर ब्लैक बोर्ड पर मेरी गलती ढूंढो शीर्षक अभ्यास छात्रों को पूरा करने के लिए दें । छात्रों को पहले से बता दे कि उन्हें किस तरह की गलती हो सकती है । ऐसा करने पर छात्र भी बिना शर्मिंदा हो गए भी अपनी गलती को ढूंढने की कोशिश करेंगे ।

छात्रों को अभ्यास की अहमियत के बारे में बताएं 

गणित दूसरों को देखकर नहीं बल्कि खुद ही सवालों को हल करते हुए सीखा जा सकता है । छात्रों को गणित में परंपरागत बनाने के लिए उन्हें ढेर सारे अभ्यास करने के लिए देना चाहिए ।

गति पर अधिक जोर ना दे 

जल्दी-जल्दी सवालों का जवाब ढूंढने पर जोर नहीं देना चाहिए । जो छात्र पहले धीमी गति से सही जवाब ढूंढ सकते हैं वह बाद में अपनी गति बढ़ाने में भी सफल हो सकते हैं  ।अगर उन पर तुरंत गति बढ़ाने के लिए दबाव डाला जाएगा तो वह गलतियां करने लग जाएंगे ।

व्याख्या के जरिए छात्रों को सीखने का मौका दें 

अगर कोई छात्र अपनी कोशिशों से ही सही जवाब ढूंढता है तो उसे सबके सामने व्याख्या करने के लिए प्रोत्साहित करें । छात्र इस बात को अच्छी तरह से याद रखते हैं कि किस तरह उन्होंने अपने बलबूते पर गणित के किसी जटिल जाने की कठिन सवाल का जवाब ढूंढ निकाला था ।

छात्रों को एक दूसरे के अनुभव बांटने के लिए प्रेरित करें 

अनौपचारिक टेस्ट और अभ्यास के दौरान छात्रों को एक दूसरे की उत्तर पुस्तिका जांचने के लिए दे सकते हैं । इस तरह की गलतियों के प्रति जागरूक हो सकते हैं । और गणित की दक्षता में सुधार कर सकते हैं ।

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