कैसे पहचाने हड्डियों से बने बर्तन || What Is Bone China

आज हम आपके सामने लेकर आये है कुछ ऐसी जानकारी जिसे जानकर आपके आश्चर्य का कोई ठिकाना नहीं होगा | ये खबर उनके लिए ज्यादा दुखदाई है जो लोग शाकाहारी (Vegitarian) है मतलब जिन्हे मॉस मछली नाम सुनकर उलटी आ जाती है | आपके पास डिनर सेट  तो होंगे ही , किसी को गिफ्ट मिले होते है तो कोई शौक में खरीद लेता है परन्तु क्या कभी आपने ये प्रोडक्ट खरीदते समय ध्यान दिया है कि कही ये हड्डियों से तो नहीं बने है ? हा जी आपने बिलकुल सही सुना हड्डियों के बर्तन.........अब जरा आप गौर करिये कभी आपने बोन चाइना का नाम सुना है ? अगर हा तो अपने ये भी सुना होगा ये बड़े अच्छे और महगे बर्तन होते है देखने में बड़े ही सुन्दर होते है साथ ही साथ बड़े ही मजबूत और हलके होते है परन्तु क्या अपने इसके नाम की ओर ध्यान दिया है |


आपको लगा होगा नाम में क्या है ये तो ब्रांड है जैसे की टाटा बिरला अमूल आदि ब्रांड है वैसे ही बोन चाइना भी एक ब्रांड है | परन्तु आप गलत सोचते है बोन चाइना का मतलब वही है जो नाम है मतलब की हड्डी + चाइना ऐसा प्रोडक्ट जो की हड्डियों से बना हो |बोन चाइना में कम से कम 25 प्रतिशत हड्डी की राख होती है। ये गाय भैसो और अन्य जानवरो की हड्डियों को गलाकर उन्हें पीसकर बनाये गए चूरे से बनाये जाते है | बोन चाइना भी आमतौर पर अन्य चीन की तुलना में अधिक महंगा है, और यह प्रक्रियाओं और इसके निर्माण में शामिल गहन श्रम द्वारा उचित है।और यह इतना महंगा क्यों है? लाइटवेट तथा  टिकाऊ, होने के कारण  और इसे बनाने के लिए आवश्यक अतिरिक्त श्रम की बदौलत अन्य चीन की तुलना में अधिक महंगा है। लेकिन सभी बोन चाइना को समान नहीं बनाया गया है - गुणवत्ता इस बात पर निर्भर करती है कि मिश्रण में कितनी हड्डी है। यदि आप सर्वश्रेष्ठ के लिए बाजार में हैं, तो कम से कम 30 प्रतिशत हड्डी का लक्ष्य रखें।

बोन चाइना की शुरुआत कैसे हुई 

इंग्लॅण्ड में बहुत लोग पसंद करते थे चीनी मिटटी से बने सामने को | इसलिए इंग्लॅण्ड की जो बड़ी बड़ी कम्पनिया थी वो चीन से चीनी मिटटी लाते थे | परन्तु इन्हे चीनी मिटटी बड़ी ही महंगी पड़ती थी | तो क्यों नहीं अपना कुछ बनाया जाये जो देखने में चीनी मिटटी जैसा ही लगे और उन्हें महगा भी न पड़े |एक आदमी था टॉमस फ्राई उसने १७४८ में  सबसे पहले हड्डियों का इस्तमाल करके प्लेट ओर कटोरी बनाने में इस्तमाल किया | उसकी प्लेटे बहुत ही अच्छी निकली और देखने में भी चीनी मिटटी से अच्छी थी तो सरे बड़ी कंपनियों ने भी हड्डियों का इस्तमाल करना शुरू किया | तो उन्होंने क्या किया कत्लखानो से जानवरो की हड्डिया लाते थे फिर जलाकर उनकी राख बनाते थे और प्लेटे बनाते थे | अब जो काम इंग्लॅण्ड को करना था वो हिंदुस्तान को तो करना ही था तो भारत ने भी हड्डियों से बोन चाइना बनाना |

कैसे बनाते है बोन चाइना 

सबसे पहले कत्लखानो से हड्डिया लाइ जाती है फिर उसके ऊपर के मास को उतरा जाता है उसके बाद उनसे गोंद निकला जाता है जो गोंद के लिए इस्तमाल किया जाता है उसके बाद १००० डिग्री सेंटीग्रेट में उन्हें सुखाया जाता है फिर उसको पीस कर अन्य पदार्थ उसमे मिला लेते है उसके बाद उसमे पानी मिला लेते है और क्रॉकरी बनाकर उसे भट्टी में पकाते है | तब जाकर वो आपकी टेबल पर पहुंच जाता है |

कैसे पता करे की बर्तन या डिनर सेट बोन चाइना  का है 

आमतौर पर, हड्डी चीन निर्माता द्वारा पंजीकृत है और आप प्रत्येक टुकड़े के नीचे इसका ट्रेडमार्क, नंबर, और पैटर्न का नाम पा सकते हैं।


समय के साथ ये पढ़ना मुश्किल हो सकता है, साथ ही हमने महसूस किया होगा की अब बहुत ही काम क्रॉकरी पर बोन चाइना नहीं लिखा होता क्यूंकि सोचा जाता है शाकाहारी लोग तो इसमें खायेगे नहीं | इसलिए किसी भी विशेष उपकरण या संसाधनों की आवश्यकता के बिना, इसकी प्रामाणिकता को जल्दी से सत्यापित करने का एक वैकल्पिक तरीका जानना हमेशा अच्छा होता है। यदि आप हड्डी के किसी भी टुकड़े को एक प्रकाश तक पकड़ते हैं और उसके पीछे अपना हाथ रखते हैं, तो आपको अपनी उंगलियों को इसके माध्यम से देखने में सक्षम होना चाहिए। आप आसानी से अपनी उगलिया देख सकते है । 

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