क्या आप जानते हैं कि बाघा बॉर्डर पर विंग कमांडर अभिनंदन वर्तमान के साथ आई महिला अधिकारी कौन है

क्या आप जानते हैं कि बाघा बॉर्डर पर विंग कमांडर अभिनंदन वर्तमान के साथ आई महिला अधिकारी कौन है ?


Who is doctor Fariha Bugti standing with Abhinandan
Who is doctor Fariha Bugti standing with Abhinandan

जैसा कि हम सभी जानते हैं कि विंग कमांडर अभिनंदन वर्तमान भारत वापस आ चुके हैं । उनकी गिरफ्तारी के 7 घंटे के बाद 1 मार्च 2019 को रात 9:21 पर पाकिस्तान के अधिकारियों ने उन्हें अटारी बॉर्डर पर भारत को सौंप दिया।अटारी बॉर्डर पर अभिनंदन का बॉर्डर पर आते हुए वीडियो खूब देखा गया और न्यूज़ चैनलों पर भी खूब दिखाया गया  ।बार्डर पर उनके साथ एक महिला ऑफिसर चल रही थी जिनकी खूब चर्चा की जा रही है । आखिर वह महिला अधिकारी कौन है जो पाकिस्तान में विंग कमांडर अभिनंदन वर्तमान के साथ चल रहे थी । 

                   लोग इस बारे में जानना चाहते हैं क्योंकि बहुत से लोगों का यह मानना था कि वह उनके परिवार का हिस्सा है या फिर वह उनकी पत्नी हैं । वो न तो उनके परिवार की कोई सदस्य है और ना ही उनकी पत्नी है । वह पाकिस्तान के विदेश कार्यालय के निदेशक डॉक्टर फरिहा बुगटी है । डॉक्टर बुगटी एक एफएसपी अधिकारी है । और अपने विदेश कार्यालय पर भारत के मामलों को संभालने की प्रभारी है  इसके साथ ही वह पाकिस्तान की जेल में बंद हुए कुलभूषण जाधव के मामले को संभालती हैं वे मुख्य पाक अधिकारियों में से एक हैं । 
              कुलभूषण यादव पर भारतीय जासूस होने का आरोप लगाया गया है । पिछले साल जब उनकी मां और पत्नी से मुलाकात करवाई गई थी तो उस दौरान भी डॉक्टर फरिहा बुगी वहां पर मौजूद थी । 27 फरवरी 2019 को पाकिस्तान के फाइटर जेट का पीछा करते हुए विंग कमांडर अभिनंदन वर्तमान का जेट मिग 21 क्रैश हो गया था । विंग कमांडर अभिनंदन वर्तमान पाकिस्तान की सीमा में जा गिरे थे  । लेकिन इससे पहले वो पकडे जाते विंग कमांडर वर्तमान ने बहुत ही बहादुरी और साहस दिखाते हुए सभी दस्तावेजों को नष्ट कर दिया और वह उन सभी दस्तावेजों को निकल गए  । बाकी के सभी दस्तावेज उन्होंने तालाब में फेंक कर नष्ट कर दिया उसके बाद उन्होंने 15 मिनट तक हवा में फायरिंग की ताकि लोग उनके करीब ना आ सके । लेकिन उन्होंने किसी भी स्थानीय नागरिक पर गोली नहीं चलाई और जब पाकिस्तानी सेना ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया तब भी उन्होंने बहुत बहादुरी दिखाई और भारत की कोई भी खुफिया जानकारी उनको नहीं दी । आखिरकार पूरे 60 घंटे के बाद उनकी रिहाई का रास्ता खुल गया और अभिनंदन बार भारत वापस आ गए ।

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