गोवा को कब और कैसे भारत का हिस्सा कैसे बनाया गया

गोवा को कब और कैसे भारत का हिस्सा कैसे बनाया गया

गोवा को कब और कैसे भारत का हिस्सा कैसे बनाया गया
गोवा को कब और कैसे भारत का हिस्सा कैसे बनाया गया


गोवा को ‘ऑपरेशन विजय’ द्वारा 19 दिसबंर 1961 को भारत मे शामिल कर लिया गया। सबसे बड़ा सवाल यह है जिस ऑपरेशन में महज 36 घंटो लगे और गोवा भारत का हिस्सा बन गया तो यह कार्य करने में भारत सरकार आखिर 14 साल क्यो लग गये।
इसके पीछे दो मुख्य कारण बताया जा सकता,,,
  1. जवाहरलाल नेहरू अंतरराष्ट्रीय क्षवि के नेता होना- नेहरू जी को दुनिया के बड़े नेताओं में नाम होता है इसलिए क्षेत्रीय मुद्दों में अंतरराष्ट्रीय दवाब का सामना पड़ता तो वे मुद्दे को टाल देते । उस समय गोवा के मामले में पश्चिम के देश पुर्तगाल से साथ खड़ा थे।
  2. मुख्य विपक्षी पार्टी का दवाब नही- आजदी के बाद मुख्य विपक्षी पार्टी में कॉमनिस्ट पार्टी को मान सकते जिनका ऐसे मुद्दों पर ज्यादा लगाव नही था।
गोवा मुक्ति के संबंध में प्रधानमंत्री नेहरू अनेक पत्र गोवा के गवर्नर को भेजा करते लेकिन उनके पत्रों का प्रभाव नही पड़ता। इसी तरह शांति वार्ता चलती रही लेकिन, गोवा की जनता इस वार्ता से खुश नही थे इसलिए वे आंदोलन का रास्ता को चुना।
गोवा की जनता और देश की अन्य समूह जिसमे स्वयंसेवक संघ गोवा को पुर्तगाल से मुक्ति के लिए आंदोलन का शुरू कर दिया।

गोवा की मुक्ति के लिए भारत सरकार के पास दो रास्ता थी-
  1. गोवा मुक्ति से जुड़े आन्दोलनकारियो को सहयोग करना-इस रास्ते से गोवा को भारत मे शामिल करने में बहुत लंबा रास्ता तय करना पड़ता।
  2. ऑपरेशन के माध्यम से-लेकिन इसकी सबसे समस्या पुर्तगाल को पश्चिमी देशों मील रहे सहयोग का था।
भारत सरकार ऑपरेशन विजय को टॉप सीक्रेट रखा । 18 दिसम्बर 1961 को तीनों सेनाओं द्वारा सैनिक कार्यवाही किया गया । ऑपरेशन के 36 घण्टो के बाद 19 दिसबंर 1961 को गोवा लगभग साढ़े चार सौ साल बाद भारत में शामिल कर लिया गया।इसलिए प्रत्येक वर्ष 19 दिसबंर को गोवा में मुक्ति दिवस के रूप में मनाया जाता है।

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