जाने ट्रैफिक पुलिस कब आपका चालान नही काट सकती नियम और कानूनो की पूरी जानकारी

जाने ट्रैफिक पुलिस कब आपका चालान नही काट सकती नियम और कानूनो की पूरी जानकारी

जाने ट्रैफिक पुलिस कब आपका चालान नही काट सकती नियम और कानूनो की पूरी जानकारी, traffic rules in india
जाने ट्रैफिक पुलिस कब आपका चालान नही काट सकती नियम और कानूनो की पूरी जानकारी

DL न होने पर कब चालान नही कटेगा

सड़क पर गाडी चलाते समय अगर आपके पास ड्राइविंग लाइसेंस नहीं है तो आपको डर लगा रहता है ट्रैफिक पुलिस चालान काट देगी. कभी-कभी ऐसा भी होता है कि लाइसेंस आपके साथ नहीं होता, उसे आप अपने घर पर भूल जाते हैं. ऐसे में ट्रैफिक पुलिस द्वारा पकड़े जाने पर नियमों की जानकारी होना जरूरी है. 
इस आर्टिकल में आपको उन नियमों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसे जानना आपके लिए बहुत जरूरी है. नियमों की सही जानकारी होने पर आपको मालूम होगा कि क्या-क्या पेपर ओरिजिनल रखना जरूरी है और क्या पेपर साथ रखना जरूरी नहीं है.

गाड़ी चलाते वक्त चार पेपर होना बहुत जरूरी है. 

1 ड्राइविंग लाइसेंस, 
2 रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट, 
3 इंश्योरेंस सर्टिफिकेट और 
4 पॉल्यूशन सर्टिफिकेट होना जरूरी है. 

अगर आप इसकी हार्ड कॉपी नहीं रखना चाहते हैं तो मोबाइल में डिजिटल कॉपी रख सकते हैं. ऐसे में अगर आप अपना DL घर भूल गए हैं और ट्रैफिक पुलिस आपको पकड़ती है तो डिजी लॉकर में रखी डिजीटल कॉपी को दिखाकर आप काम चला सकते हैं. 
चालान शब्द से हर कोई वाकिफ हैं. यह तीन तरीके का होता है. अगर ट्रैफिक पुलिस नियमों को तोड़ने के लिए पकड़ती है तो उसी वक्त चालान काट दिया जाता है. चालान के पैसे भी उसी वक्त जमा करने होते हैं. ऐसी परिस्थिति में चालान के रसीद लेना न भूलें. अगर आपके पास उस वक्त पैसे नहीं है तो ट्रैफिक पुलिस आपका लाइसेंस लेकर चालान दे देती है. हालांकि, बाद में आपको कोर्ट जाना होगा. कोर्ट में जुर्माना भरकर आप अपना लाइसेंस वापस ले सकते हैं.
अगर आप ट्रैफिक नियमों को तोड़कर भाग जाते हैं और पुलिस आपकी गाड़ी का नंबर नोट कर लेती है तो उसके आधार पर चालान घर भी भिजवाई जा सकती है. नोटिस चालान में आरोपी के पास एक महीने का वक्त होता है. जुर्माना स्थानीय ट्रैफिक पुलिस ऑफिस में जमा करवाया जा सकता है. एक महीने के बाद चालान कोर्ट भेज दिया जाता है.
कुछ चालान कानून को तोड़ने की स्थिति में काटे जाते हैं. मसलन ड्रंक एंड ड्राइव के मामले में कोर्ट का चालान काटा जाता है. इस मामले में जुर्माना के अलावा सजा का भी प्रावधान होता है. इस चालान को उसी समय या स्थानीय ट्रैफिक पुलिस ऑफिस में नहीं जमा करवाया जा सकता है. चालान भरने के लिए कोर्ट जाना होगा.

जाने ट्रैफिक पुलिस कब आपका चालान नही काट सकती नियम और कानूनो की पूरी जानकारी, traffic rules in india
जाने ट्रैफिक पुलिस कब आपका चालान नही काट सकती नियम और कानूनो की पूरी जानकारी


1 बिना सीट बेल्ट के ड्राइविंग, 
2 डिफेक्टिव नंबर प्लेट, 
3 रेड लाइट पार करना, 
4 गलत जगह पार्क करना, 
5 इंडिकेटर दिए बगैर टर्न करना, 
6 बिना हेलमेट टू व्हीलर चलाना, 
7 अवैध लाल  बत्ती लगाना, 
8 बाइक पर तीन सवारी करना, 
ऐसी स्थिति में 100 रुपये का जुर्माना भरना पड़ता है.
ओवर स्पीडिंग के केस में 400 रुपये, 
9 लाइसेंस के बिना गाड़ी चलाने पर 500 रुपये, 
10 ड्राइविंग के दौरान मोबाइल पर बात करने पर 500 रुपये,
11 इंश्योरेंस पेपर के बिना गाड़ी चलाने पर 1000 रुपये, 
12 रजिस्ट्रेशन हुए बगैर गाड़ी चलाने पर 2000 रुपये का जुर्माना है.

जाने ट्रैफिक पुलिस कब आपका चालान नही काट सकती नियम और कानूनो की पूरी जानकारी, traffic rules in india
जाने ट्रैफिक पुलिस कब आपका चालान नही काट सकती नियम और कानूनो की पूरी जानकारी

ट्रैफिक पुलिस के पास गाड़ी को जब्त करने का भी अधिकार है. लावारिस हालत में गाड़ी खड़ी करने पर, जहां पार्किंग न हो और वहां पार्किंग करने पर, डॉक्यूमेंट नहीं होने पर, ऐसी स्थितियों में ट्रैफिक पुलिस गाड़ी जब्त भी कर सकती है.
ट्रैफिक कांस्टेबल को फाइन करने का अधिकार नहीं है. फाइन काटने का अधिकार केवल ZO को है. हेड कांस्टेबल 100 रुपये तक फाइन वसूल कर सकता है. ASI, SI 100 रुपये से ज्यादा का फाइल वसूल सकते हैं. कोई भी ट्रैफिक अधिकारी जब तक वर्दी में न हो और उसपर नेम प्लेट न हो, वह आपका फाइन नहीं कर सकता है. अगर वह ऐसा करता है तो आप उसका विरोध कर सकते हैं. 
दोस्तो कैसा लगा आपको ये Post Comment करके जरूर बताना धन्यवाद ।
Read This Also:-
  1. लव मैरिज पर सुप्रीम कोर्ट का अहम फैसला
  2. सुप्रीम कोर्ट ने श्रीसंत पर लगे आजीवन प्रतिबंध को खत्म किया 
  3. सुप्रीम कोर्ट ने 6 आरोपियों की मौत की सजा से बरी कर दिया 
  4. तलाक लेने की समय सीमा पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला
  5. भारत में शादी करने वाली पाकिस्तानी महिला को भारत छोड़ने का आदेश दिल्ली हाई कोर्ट का फैसला
  6. मौत की सजा तभी जब दूसरी सजा कम पडे सुप्रीम कोर्ट का फैसला
  7. Supreme Court Latest Judgement Dated 1st January to 17th January 2019

Post a Comment

0 Comments