सफलता में देरी क्यों ? || Why delay in success

सफलता में देरी क्यों ?




ज़िन्दगी में मुकाम हासिल करने का सपना बहुत लोग देख तो लेते है परन्तु उस लक्ष्य को प्राप्त करने में कभी - कभी देर हो जाती है या कई बार तो सफलता प्राप्त ही नहीं हो पाती है | जिसके कई कारण हो सकते है जिसके बारे में आज हम बात करेंगे |

 सफलता में पहला प्रश्न

     सफलता में पहला प्रश्न ये आता है कि जो लक्ष्य हमने निर्धारित किया है क्या उसे पूर्ण करने में हम सक्षम है | हर व्यक्ति में मन में ये शंका बनी रहती है कि क्या वो सफलता हासिल कर पाएंगे या विफल होंगे | अवश्य ही ये प्रश्न दुखदायी हो सकता है | परन्तु सच्चाई का सामना एक न एक दिन तो करना ही पड़ता है | हमें अपने आप को परखना ही पड़ता है और जितनी जल्दी हमें इस प्रश्न का उत्तर मिल जाता है हम सफलता कि तरफ पहला कदम रख देते है |आपको समझाना होगा और यह स्पष्ट करना होगा की आप लक्ष्य के योग्य है या नहीं | आपका दिल अंदर से जानता है की आपमें लक्ष्य को पूर्ण करने की क्षमता है या नहीं |


 उदाहरण




            इस बात को हम एक उदाहरण द्वारा समझने का प्रयास करते है | आप अगर कोई मकान बनवाते है तो सबसे पहले आप अपना बजट देखते है की आपके पास पर्याप्त धन है उस मकान को बनाने के लिए | आशय यह है की जिस प्रकार मकान को पूर्ण करना पर्याप्त धन के होने पर सब निर्भर है , उसी प्रकार सफलता में अपने निर्धारित लक्ष्य प्राप्त करने के लिए पर्याप्त योग्यता का होना आवश्यक है |

     अब बात आती है कि आप पूर्ण परिश्रम करते हो परन्तु कई बार विषम परिस्थितियाँ आपको आपके लक्ष्य तक पहुंचने नहीं देती है एक यूँ कहा जाये कि ईश्वर आपकी कई बार परीक्षा लेता है |कई बार अपने बड़ा लक्ष्य निर्धारित किया है और उसे पूर्ण करने की क्षमता भी होती है | फिर आपको छोटे - छोटे लाभ के अवसर मिलते है और आप अपने लक्ष्य से भटकने लगते हो जिसके कारण आपको सफलता मिलने में समय लगता है |

          आइये इसे भी एक उदाहरण द्वारा समझने का प्रयास करते है | आप गैर - सरकारी नौकरी में कार्यरत है और आप सरकारी नौकरी के लिए तैयारी कर रहे है | फिर आपको आपकी गैर - सरकारी नौकरी में प्रमोसन मिलता है या किसी और कंपनी में ज्यादा पैसे में काम मिलता है और आप सरकारी नौकरी की तैयारी में ध्यान देना कम कर देते है और अपने लक्ष्य से भटक जाते है और छोटे लाभ में खुशिया ढूंढने लगते हो |


             सोच कर देखिये जो इंसान एक अच्छे रैंक के ऑफिसर बनने की क्षमता रखता है परन्तु अन्य लाभ के कारण अपने जीवन में उलझा रहता है और अपने से कम दिमाग वालो  के बीच अपनी ज़िन्दगी को रोज कोसता हो , छोटे - छोटे लाभ पाने के बावजूद वो ज्यादा समय तक खुश नही रह सकता |



         मेरा सीधा उद्देश्य आपको यह समझाना है की काविल व्यक्ति को अपने स्तर के कार्य तक अवश्य पहुंचना चाहिए | जब आपमें ज्यादा काबलियत है और आप एक अच्छे औधे तक पहुंचना भी चाहते है तो छोटे लाभ की तरफ न मुड़े क्यूंकि सफलता का देर से मिलने का मुख्य कारण ये ही है |


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