जरुरत है बस दृण संकल्प की- Motivational Story | All That is Needed is Determination

जरुरत है बस दृण संकल्प की- Motivational Story | All That is Needed is Determination
जरुरत है बस दृण संकल्प की- Motivational Story | All That is Needed is Determination



एक बार एक शराबी संत के पास गया और बोला - मैं इस शराब से बहुत ही दुखी हु इसकी वजह से मेरा घर बर्बाद हो गया है | मेरे बच्चे भूखे मर रहे है पर मैं शराब के बगैर रह नहीं पा रहा हूँ | मुझे आप कुछ ऐसा उपाय बताये जिससे मैं अपने घर की सुख शांति दोबारा पा सकूँ |
संत - जब तुम्हे शराब से इतना नुकसान हो रहा है तो तुम उसे छोड़ते क्यों नहीं |
शराबी - गुरु जी ! मैं छोड़ना तो चाहता हूँ परन्तु शराब कि इस कदर लत लग गयी है कि छोड़ नहीं पा रहा हूँ , अब आप ही कोई ऐसा उपाय बताइये |
संत महात्मा उठे और एक खम्बे को पकड़कर खड़े हो गए | शराबी कुछ देर तक उन्हें देखता रहा परन्तु जब काफी देर तक संत उसी अवस्था में ही खड़े रहे तो शराबी बोला -आपने  व्यर्थ में इस खम्बे को क्यों पकड़ रखा है|आप उसे छोड़ क्यों नहीं देते | अगर आप यूँ ही उसे पकड़े खड़े रहे तो जल्दी ही आप थक जायेगे |

संत - अरे मेरे प्यारे दोस्त ये खम्बा मैंने नहीं पकड़ा है , बल्कि खम्बे ने मुझे पकड़ रखा है | मैं तो चाहता हूँ की ये मुझे छोड़ दे परन्तु यह तो मुझे छोड़ ही नहीं रहा है |


संत के मुख से ये सुनकर वो शराबी अचंभित होकर बोला - सुनिए महाशय ! मैं शराब जरूर पीटा पीता परन्तु इसका मतलब ये नहीं कि मैं बेवकूफ हूँ | आपने ही जानबूझ कर इस खम्बे को पकड़ रखा है ये तो निर्जीव है ये आपको कैसे पकड़ सकता है |यदि आप दृण संकल्प ले तो इस खम्बे को अभी तुरंत ही छोड़ सकते है |

उसकी बात सुनकर संत बोले - नादान मनुष्य ! बस यही बात तो मैं भी तुम्हे समझाना चाहता हूँ , जिस तरह खम्बे ने मुझे नहीं बल्कि मैंने खम्बे को पकड़ रखा था उसी प्रकार शराब में तुम्हे नहीं बल्कि तुमने शराब को पकड़ रखा है | तुम कह रहे थे की शराब तुम्हे नहीं छोड़ रही है परन्तु सत्य तो ये है की अगर तुम दृण संकल्प लो कि तम्हे शराब छोड़नी है तो तुम शराब छोड़ दोगे |शरीर की हर क्रिया मन द्वारा नियंत्रित होती है और मन में जैसी इच्छा शक्ति प्रवल होती है कार्य को सफलता भी उसी प्रकार की मिलती है |तात्पर्य ये है कि तुम्हारे मन में शराब ग्रहण करने कि इच्छा प्रवल है शराब को छोड़ने की अपेच्छा इसलिए तुम शराब पीना ज्यादा पसंद करते हो और तभी तुम शराब नहीं छोड़ पाते हो |
संत की बात सुनकर उसने शराब न पीने का दृण संकल्प लिया और अपने घर परिवार के साथ ख़ुशी - ख़ुशी अपना जीवन यापन करने लगा |

शिक्षा - ज़िन्दगी में ऐसी कोई बुरी आदत नहीं है जिसे छोड़ा न जा सके , जरुरत है बस दृण संकल्प की | All That is Needed is Determination

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